मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद हमीरपुर के कुछेछा स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित एक समारोह में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 18,896.61 लाख रुपये है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फसल ऋण मोचन योजना के अन्तर्गत पात्र कृषकों को प्रमाण-पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवंटन पत्र तथा पं. दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लाभार्थी परिवारों को मुफ्त विद्युत संयोजन पत्र भी प्रदान किये।

मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास की गयी परियोजनाओं में हमीरपुर बाईपास के अन्तर्गत यमुना सेतु का निर्माण कार्य लम्बाई 851.48 मीटर लागत 8,829.18 लाख रुपये, बेतवा सेतु निर्माण कार्य लम्बाई 699.23 मीटर लागत 7,592.16 लाख रुपये, रोहान नाला सेतु निर्माण कार्य लम्बाई 79.88 मीटर लागत 788.08 लाख रुपये, टेढा से देवगाॅव मार्ग के अवशेष का नव निर्माण कार्य लम्बाई 4.60 किलोमीटर लागत 280.48 लाख रुपये, पचखुरा महान से झझरिया डेरा सम्पर्क मार्ग का नव निमार्ण कार्य लम्बाई 2.30 किलोमीटर लागत 141.53 लाख रुपये, बसेला गिरवर सम्पर्क मार्ग का नव निर्माण कार्य लम्बाई 4.20 किलोमीटर लागत 215.53 लाख रुपये, आई0टी0आई0 संस्थान सरीला की प्रशिक्षण क्षमता में विस्तार व लैब निर्माण कार्य लागत 253.02 लाख रुपये शामिल हैं।

इसी प्रकार लोकार्पित परियोजनाएं सीएचसी गोहाण्ड में ओपीडी का निर्माण लागत 386.21 लाख रुपये, मौदहा में बालिका छात्रावास का निर्माण लागत 170.25 लाख रुपये, राजकीय पाॅलीटेक्निक सुमेरपुर 7 नग आवासों का निर्माण लागत 240.70 लाख रुपये हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 3,600 लाभार्थियों को फसल ऋण मोचन योजना का प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना के 1,200 लाभार्थियों को स्वीकृति-पत्र तथा 200 लाभार्थियों को विद्युत संयोजन-पत्र भी प्रदान किये।
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड वीरों की धरती है। यह भूमि पं. परमानन्द, वीर आल्हा उदल, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई, झलकारीबाई, दुर्गाबाई आदि की तपोभूमि रही है। बुन्देलखण्ड के समुचित विकास के लिए प्रदेश व देश की सरकारें दृढ़ संकल्पित है। बुन्देलखण्ड में जल संकट और अन्ना प्रथा की समस्या की सबसे अधिक चर्चा होती है। प्रदेश सरकार इन दोनों समस्याओं के साथ, बुन्देलखण्ड की सभी समस्याआंे के निस्तारण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड की जनता व धरती को प्यासा नहीं रखा जायेगा। केन-बेतवा नदियों को जोड़कर, खेत तालाब योजना, लिफ्ट कैनाल, पुराने तालाबों, कुओं, के जीर्णोद्धार आदि के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा। अन्ना प्रथा के समाधान के लिए गौ अभ्यारण एवं गौवंश की नस्ल सुधार कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जायेगा। नस्ल सुधार कार्यक्रम से उन्नत किस्म का गौवंश तैयार होगा, जो अधिक दूध देगा। गौवंश की नस्ल सुधर जायेगी तो गाय अधिक दूध देगी और लोग गाय को सड़कांे पर नहीं छोडें़गे। प्रदेश में 7 गौ अभ्यारण बनाने की कार्यवाही शुरु की गयी है, इससे गौ रक्षण व गौ संवर्धन सम्भव होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल ऋण मोचन योजना के तहत 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों का ऋण माफ किया गया है। हमीरपुर मंे 56 हजार 392 लघु एवं सीमान्त किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया है। निःशुल्क विद्युत संयोजन के माध्यम से भी लाखों की संख्या में गरीब परिवारों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश सरकार व केन्द्र सरकार की कल्याणकारी व लाभपरक योजनाएं ‘सबका साथ, सबका विकास’ के लिए है, इनमें किसी भी प्रकार की शिथिलता व लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। ऐसी व्यवस्था की गयी है कि आने वाले दिनों में राशनकार्ड धारक किसी भी राशन की दुकान से राशन ले सकता है। गरीबों के खाद्यान्न की चोरी किसी भी दशा में नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के हक पर डकैती डालने की छूट किसी को नहीं दी जायेगी। कोई भी गरीब बिजली से वंचित नहीं रहेगा। बुन्देलखण्ड को एक्सप्रेस-वे के माध्यम से आगरा, झांसी, चित्रकूट आदि से जोड़ा जायेगा। एक्सप्रेस-वे के आस-पास औद्योगिक गलियारा बनाकर बुन्देलखण्ड वासियों के लिए रोजगार की व्यवस्था उन्हीं के क्षेत्र में की जायेगी। प्रदेश सरकार व केन्द्र सरकार बुन्देलखण्ड के विकास व समृद्धि के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित है। कार्यदायी संस्थाओं से कहा गया है कि शिलान्यास की गयी परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए पूरा किया जाए।

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