मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को रिजर्व पुलिस लाइन मंे पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि देने के उपरान्त कहा कि राज्य सरकार शहीदों के परिवारों के साथ है और उनके हित में सभी आवश्यक कदम उठा रही है। इस अवसर पर उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली अहेतुक सहायता राशि को 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने के साथ-साथ शहीद के माता-पिता को दी जाने वाली 05 लाख रुपए की सहायता राशि को 10 लाख रुपए करने की घोषणा की। इस प्रकार शहीद के आश्रितों एवं उनके माता-पिता को कुल 50 लाख रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के अपर पुलिस अधीक्षक से लेकर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को वर्तमान में दिए जा रहे पौष्टिक आहार भत्ते की राशि को भी बढ़ाने की घोषणा की। इसके तहत अब अपर पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक को इस मद में दी जाने वाली 600 रुपए की धनराशि के स्थान पर 800 रुपए देय होगी, जबकि निरीक्षक से लिपिक संवर्ग के पुलिस कर्मियों को अब 900 रुपए के स्थान पर 1,200 रुपए मिलेंगे। इसी प्रकार हेड काॅन्सटेबल/काॅन्सटेबल के लिए इस राशि को 1,050 रुपए से बढ़ाकर 1,500 रुपए किया गया है, जबकि चतुर्थ श्रेणी के पुलिस कर्मियों को देय पौष्टिक भत्ते की राशि को 950 रुपए से बढ़ाकर 1,350 रुपए कर दिया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आते ही राज्य सरकार द्वारा अपराधमुक्त एवं भ्रष्टाचारमुक्त प्रदेश बनाने के लिए गम्भीरता से कार्य शुरू किया गया। कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए स्वतंत्रता दिवस 2017 के अवसर पर 50 पुलिस कर्मियों को ‘उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह’ तथा 200 पुलिस कर्मियों को ‘सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह’ से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 104 पुलिस कार्मिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक के ‘प्रशंसा चिन्ह’ से भी सम्मानित किया गया है। इनमें राजपत्रित व अराजपत्रित, दोनों स्तर के कार्मिक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की समस्त इकाइयों, अग्निशमन तथा पीएसी के अराजपत्रित/राजपत्रित अधिकारियों की उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिदेशक के ‘प्रशंसा चिन्ह’ की संख्या को 200 से बढ़ाकर 950 किये जाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साथ ही, पुलिस विभाग में मृतक आश्रित के रूप में विभिन्न पदों पर लगभग 400 अभ्यर्थियों को सेवायोजन प्रदान कर दिवंगत पुलिस कार्मिर्कों के परिवारों को सहारा देने का काम भी किया गया है। पुलिस बल की कमी को दूर करने के लिए अगले 05 वर्षों की रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत इस वर्ष आरक्षी एवं समकक्ष तथा उपनिरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर के 47 हजार पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों हेतु वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा ‘राज्य आपदा मोचन बल’ (एसडीआरएफ) के गठन का निर्णय लेते हुए इसके लिए 535 पदों का सृजन भी किया गया है। इसके साथ ही, ‘यू0पी0 100’ परियोजना को और अधिक सुदृढ़ कर सफलतापूर्वक संचालित करने हेतु विभिन्न श्रेणी के 4 हजार 493 पदों के सृजन का फैसला लिया गया है। इन पदों को सीधी भर्ती एवं पदोन्नति के माध्यम से भरने की कार्रवाई शुरू की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अत्यन्त विषम परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखने तथा साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी गई है। इससे आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है एवं पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है, लेकिन कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाना होगा। उन्होंने कहा कि अभी बहुत काम करना बाकी है, क्योंकि चुनौतियां बहुत हैं। साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक एवं वैधानिक कार्यवाही की गयी है। महत्वपूर्ण मेले, त्यौहारों जैसे- ईद-उल-फितर, बकरीद, मोहर्रम, दुर्गा पूजा, दशहरा, सावन झूला इत्यादि में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर सभी त्यौहार सकुशल सम्पन्न कराए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य है। विभिन्न आतंकवादी संगठन प्रदेश की कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास करते रहते हैं। ऐसे तत्वों से मुकाबला करने के लिए ए0टी0एस0 द्वारा विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर जनपदीय स्वाट टीमों का गठन किया गया है, जिनमें जनपद वाराणसी एवं आगरा की टीमें भी शामिल हैं। प्रदेश की विस्तृत अंतर्राष्ट्रीय सीमा एवं आतंकवाद व नक्सलवाद की गम्भीर समस्याओं के दृष्टिगत प्रदेश में विशेष प्रशिक्षण एवं अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त होकर कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध आॅपरेशन संचालित करने हेतु आतंकवाद निरोधक दस्ता के अंतर्गत ‘विशेष पुलिस संचालन टीम’ Special Police Operations Team (SPOT) के गठन हेतु विभिन्न श्रेणी के कुल 694 पदों की मंजूरी प्रदान की गई है। इसमें 517 पद पुलिस विभाग से समायोजन करते हुए 177 नवीन पद सृजित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के विस्तार से साइबर अपराध भी बढ़े हैं। इसको दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार द्वारा साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम हेतु राजधानी लखनऊ एवं जनपद गौतमबुद्धनगर में साइबर थानों की स्थापना की गयी है। समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर कानून-व्यवस्था सम्बन्धी गम्भीर समस्याएं पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है, इससे निपटने के लिए सोशल मीडिया पर निरन्तर निगरानी करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पहुंचने के उपरान्त परेड की सलामी ली तथा शहीद पुस्तिका को मंच पर प्रस्थापित किया। उन्होंने शहीद स्मारक पर शहीदों की स्मृति में पुष्पचक्र भी अर्पित किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 01 सितम्बर, 2016 से 31 अगस्त, 2017 की अवधि में 76 पुलिस कर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान शहादत दी। उन्होंने शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

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