गाजियाबाद प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में धन्वंतरि जयंती के शुभ अवसर पर भगवान धनवंतरी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉक्टर  बी के शर्मा हनुमान ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से धनतेरस धन्वंतरि जयंती का विशेष महत्व है इस दिन धन की देवी लक्ष्मी में संपत्ति के कोषाध्यक्ष कुबेर के साथ साथ आरोग्य के देवता आचार्य धनवंतरी की भी पूजा की जाती हैI

शास्त्रों में कहा गया है कि जिन घरों में धनतेरस के दिन प्रात काल स्नान कर पर्व की प्रतिनिधि देव शक्तियों के समक्ष दीपदान कर आरोग्य नियमों के पालन में धन के सुनियोजित के सत्य संकल्प के लिए जाते हैं वहां श्री संपत्ति व आरोग्य सुख सदा बना रहता हैI कहा जाता है कि स्वास्थ्य ही धन है स्वस्थ रहने पर ही धन संचय और संचित धन का सद उपयोग किया जा सकता है, इसलिए धनतेरस के दिन धन्वंतरी ऋषि की भी विशेष पूजा की जाती हैI

यदि परंपराओं की बात करें तो इस दिन पुराने बर्तनों को बदलना बने बर्तन में नई वस्तुएं विशेष रुप से चांदी के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है इस दिन धन्वंतरी ऋषि का पूजन करते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि उनकी औषधी उपचार में ऐसी शक्ति आ जाए जिससे रोगी को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ हो इस दिन स्वास्थ्य संबंधी अवधारणा अत्यंत व्यापक हैI उन्होंने स्वास्थ्य को व्यक्ति के स्वर और उसके परिवेश से संतुलित तालमेल मिल के रूप में परिभाषित किया है और जीवन के इस ज्ञान विज्ञान को आयुर्वेद की संज्ञा दी धनवंतरी के तत्व दर्शन के अनुसार जिन पंचभूतों आकाश, वायु, अग्नि, पानी और धरती से वह समूचा विश्व ब्रह्मांड बना है; हमारे शरीर की भी संरक्षण हुई है, इसलिए बिना प्रकृति के साथ तालमेल  में बिठाए हम कभी स्वस्थ नहीं रह सकतेI मानव को भोज्य सामग्री का जितना वैज्ञानिक विवेचन धन्वंतरि ने किया है वह आज के युग में भी दुर्लभ हैI

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