मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं को पूरी सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्प है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान से जुड़ी अनूठी योजना है। यह कार्यक्रम देश एवं प्रदेश की बालिकाओं को सशक्त करके समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री धर्म लाइफ फाउण्डेशन द्वारा आयोजित ‘बेटी पढ़ाओ, रोशनी बढ़ाओ’ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस हेतु सभी बालिकाओं और महिलाओं को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि धर्म लाइफ फाउण्डेशन द्वारा ‘बेटी पढ़ाओ, रोशनी बढ़ाओ’ कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को पढ़ाकर उनके जीवन में रोशनी लाने का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि फाउण्डेशन बालिकाओं की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और स्वाबलम्बन के लिए भी काम करके कार्यक्रम के लक्ष्य को सफल बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रूढ़िगत धारणाओं के कारण समाज मंे बालिकाओं के साथ भेदभाव हो रहा है। एक दादी द्वारा परिवार में तीसरी बालिका के जन्म पर उसकी हत्या की घटना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना समाज पर कलंक है। सभी को मिलकर ऐसी स्थिति और सोच के कारणों पर विचार कर, उसे बदलने का प्रयास करना चाहिए। बेटियां, बेटों से किसी भी प्रकार कम नहीं हैं। भेद-भाव के बावजूद बेटियों ने लगभग सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस वर्ष जून माह में राज्य सरकार द्वारा कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के 147 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया था, इनमें 99 छात्राएं शामिल थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें समान अवसर देने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा ‘एण्टी रोमियो स्क्वाॅयड’ का गठन किया गया है जिससे पूरे प्रदेश में महिलाएं तथा बच्चियां अब पहले से सुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाओं तथा बालिकाओं को राहत प्रदान करने तथा उनकी मदद के लिए महिला हेल्पलाइन ‘181’ के साथ ही, प्रदेश के सभी 75 जिलों में रेस्क्यू वाहनों की व्यवस्था भी की गयी है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रेजुएशन स्तर तक बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा के लिए ‘अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना’ लागू की गयी है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने आज ही उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लगभग 61 हजार 700 स्वयं सहायता समूहों को हरसम्भव तकनीकी एवं वित्तीय मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि आज का दिन बेटियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार ने बालिकाओं को सशक्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री जी स्वयं बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के प्रति बेहद सजग हैं। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ समाज में बेटे-बेटी में भेद कम हो रहा है। बालिकाओं को बेटी होने में गर्व महसूस करना चाहिए और आत्मविश्वास से आगे बढ़ना चाहिए।

कार्यक्रम का शुभारम्भ परम्परागत ढंग से दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यक्रम के दौरान धर्म लाइफ फाउण्डेशन से जुड़ी उद्यमी महिलाओं ने सोलर टाॅर्च के साथ मार्च किया। इस मौके पर लखनऊ के गोसाईंगंज विकासखण्ड की महिला उद्यमी सुश्री गायत्री वर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री जी ने महिला उद्यमियों तथा बालिकाओं को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर धर्म लाइफ फाउण्डेशन के डायरेक्टर शौर्य डोवाल, गौरव मेहता, इण्टरनेशनल फाइनेन्स काॅरपोरेशन के सीनियर कण्ट्री आॅफीसर विक्रम जीत सिंह, शेल फाउण्डेशन की कण्ट्री हेड, अनुराधा भवनानी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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