गुरुग्राम, 24 अगस्त, 2017: साध्वी यौन शोषण मामले में 25 अगस्त शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा गुरुग्राम में शान्ति समितियों का गठन किया गया है, जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने आज जिला वासियों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और कहा कि जिला का कोई भी व्यक्ति ऐसा काम ना करें जिससे कि जिला में कानून व शान्ति व्यवस्था भंग हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शांति समितियां गठित की गई हैं जो कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करेंगी। कहीं भी कोई हलचल होगी या शांति भंग करने की चेष्ठा होगी तो शांति समिति के सदस्य इस बारे में जिला प्रशासन और गुरुग्राम पुलिस को सूचित करेंगे।
उन्होंने बताया कि साध्वी यौन शोषण मामले पर शुक्रवार को सुनाए जाने फैंसले से गुरुग्राम जिला की शांति प्रभावित ना हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक  प्रबंध किए गए हैं। जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। धारा 144 के आदेश किए गए हैं, जिसके अंतर्गत पांच या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, हथियार लेकर चलने पर पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस व सिविल अधिकारियों की विशेष तौर पर ड्यूट्यिां लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में 40 पुलिस स्टेशनों के कार्यक्षेत्रों में अलग-अलग ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं जो अपने अधिकार क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने गुरुग्रामवासियों से अपील करते हुए कहा है कि वे अफवाहों को तूल ना दें और उसके प्रभाव में आकर सोशल मीडिया पर इस मामले से संबंधी किसी भडक़ाऊ प्रचार सामग्री का आदान-प्रदान ना करेंं। उपायुक्त ने कहा कि पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे जा रहे संदेशों पर निगरानी रखी जा रही है।
विनय प्रताप सिंह ने आज दंड प्रक्रिया अधिनियम 1973 की धारा 144 के तहत जिला में 5 या इससे अधिक व्यक्तियों के जमा होने और हथियार आदि लेकर चलने पर तत्काल प्रभाव से पाबन्दी लगा दी है। जिलाधीश द्वारा यह आदेश साध्वी यौन शोषण के आरोप में 25 अगस्त शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने के दृष्टिगत दिए गए है।
ये आदेश लागू होने के बाद जिला में कोई भी व्यक्ति घातक हथियार जैसे तलवार, गंडासा, लाठी, बरछा, भाला, जेली, चाकू, साईकिल चेन, आग्नेय अस्त्र आदि लेकर नही चल सकता। आदेशों के तहत जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना किसी प्रकार के धरना-प्रदर्शन पर भी रोक रहेगी।
ये आदेश 25 अगस्त तक प्रभावी रहेंगे। पुलिस प्रशासन तथा संबंधित थाना प्रभारी को इन आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडित किया जाएगा।
-Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhiNCRnews.in bureau

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