लखनऊ, 26 जुलाई, 2017: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में उ.प्र. रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथाॅरिटी (UPRERA) की अत्याधुनिक तकनीक से विकसित पूर्णतः स्वचालित वेबसाइट www.up-rera.in का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आवास खरीदने वालों के हितों की रक्षा तथा उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कटिबद्ध है। इस वेबसाइट के माध्यम से अब उपभोक्ताओं की समस्याओं के निस्तारण में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले अनेक वर्षों से रियल इस्टेट सेक्टर में बिल्डर्स और कंज्यूमर्स के बीच हाउसिंग प्रोजेक्ट के समय से पूरा न होने के कारण अविश्वास का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा रियल इस्टेट रेगुलेशन एण्ड डेवलेपमेण्ट एक्ट (RERA) लागू करने से अब इस सेक्टर की समस्याएं दूर होंगी, उपभोक्ताओं को समय से उनके घर मिल सकेंगे, साथ ही बिल्डर्स की समस्याएं भी दूर होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रियल इस्टेट सेक्टर की उन्नति के लिए बिल्डर्स और कंज्यूमर्स के बीच विश्वास होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले अनेक सालों से कई आवासीय परियोजनाओं के पूरा न होने के कारण कंज्यूमर्स में निराशा आयी है। राज्य सरकार इस निराशा को दूर करने के लिए कटिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल्डर्स को चाहिए कि वे अपने ग्राहक से आवास निर्माण के लिए ली गई धनराशि का पूरा उपयोग अपनी परियोजना को पूरा करने में करें, ताकि समय से निर्माण पूर्ण हो सके और ग्राहक को आवास हस्तगत कराया जा सके। इससे लोगों का विश्वास रियल इस्टेट सेक्टर में बढ़ेगा। राज्य सरकार जहां एक ओर उपभोक्ता के हितों की रक्षा करेगी, वहीं दूसरी ओर बिल्डर्स की समस्याओं का भी समाधान करने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों को निर्धारित धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है, और ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत मकानों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के वर्ष 2022 तक सभी को आवास मुहैया कराने के संकल्प के क्रम में राज्य सरकार 24 लाख आवासों के निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखकर अधिक से अधिक आवासों का निर्माण कराना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में भी बड़ी आबादी के पास मकान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष 2 लाख आवास निर्मित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में रेरा लागू होने और आज इसके वेबसाइट के लांच होने के उपरान्त विकासकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा डेढ़ लाख रुपये और राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। नगरीय विकास विभाग ने जो माॅडल आवास बनाए हैं उनकी लागत लगभग 3.34 लाख रुपये आ रही है। इस प्रकार लाभार्थी को लगभग एक लाख रुपये स्वयं लगाने हैं, जिसकी व्यवस्था बैंक के सस्ते दर पर कर्ज के माध्यम से की जा सकती है। ऐसे में यदि रियल इस्टेट सेक्टर इसमें रुचि लेकर सहयोग करे, तो इस लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने आवासीय योजना के विकासकर्ताओं से अपेक्षा की कि वे मकान खरीदने वालों का ध्यान रखते हुए सहयोग करेंगे और उनके धन का उपयोग परियोजना को जल्द पूरा करने में करेंगे। उन्होंने कंज्यूमर्स को सलाह दी कि वे आवश्यक धनराशि बिल्डर्स को समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि परियोजनाएं समय से पूरी हो सकें और विश्वास का वातावरण बन सके।
‘यू.पी. रेरा’ के अध्यक्ष एवं सदस्यों के चयन के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए आवेदन मिल चुके हैं और सर्च कमेटी इन आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अध्यक्ष एवं सदस्यों के चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाएगी।
इससे पूर्व, कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रमुख सचिव आवास, मुकुल सिंघल ने कहा कि भू-सम्पदा क्षेत्र के नियमन, उन्नयन के लिए भारत सरकार द्वारा भू-सम्पदा (नियमन एवं विकास) अधिनियम-2016 विगत 01 मई, 2016 से लागू किया जा चुका है। जिसके क्रम राज्य सरकार द्वारा उ.प्र. रियल इस्टेट (रेगुलेशन्स एण्ड डेवलपमेण्ट) रूल्स-2016 पिछली 27 अक्टूबर, 2016 से लागू किया गया है।
इसके क्रम में यू.पी. रेरा के कुशल व त्वरित संचालन को मुख्यतः वेबपोर्टल के माध्यम से संचालित किए जाने की व्यवस्था की गई है। यह पोर्टल अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है और स्वचालित है, अर्थात इसमें किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। रेरा एक्ट के मुख्य उद्देश्य खरीदारों/उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ रियल इस्टेट का प्रोत्साहन है।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश मंत्रिमण्डल के सदस्य सतीश महाना, राजेश अग्रवाल, धर्मपाल सिंह, सत्यदेव पचौरी, एस.पी. सिंह बघेल, सुरेश पासी तथा गुलाबो देवी मौजूद थे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सूचना, अवनीश कुमार अवस्थी, आवास आयुक्त, धीरज साहू, लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, प्रभुनाथ सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

-delhiNCRnews.in bureau

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