उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने सत्ता में आने के बाद देश के गांव, गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान और महिलाओं को अपने एजेण्डे में लेकर, जिस तरह स्वावलम्बन की ओर अग्रसर किया है, उसी का अनुसरण करते हुए राज्य सरकार भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पहली ऐसी सरकार है, जिसने गरीबों के हित के बारे में गम्भीरता से सोचा है और गरीबी हटाओ का नारा न देकर वास्तव में गरीबों के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री जनपद इलाहाबाद में ऊर्जा विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं उपभोक्ता सुविधाओं के शुभारम्भ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर समुचित एवं सुचारु विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने करीब 936 करोड़ रुपये लागत के 14 विद्युत उपकेन्द्रों का लोकार्पण किया। इनमें जनपद मथुरा एवं बांदा में 400 के.वी. तथा जनपद गौतमबुद्धनगर, रामपुर, बहराइच, रायबरेली, मेरठ, मैनपुरी, मिर्जापुर, पीलीभीत तथा सम्भल में 132 केवी. के एक-एक पारेषण विद्युत उपकेन्द्र के साथ ही, जनपद इलाहाबाद के मऊआइमा तथा साथर एवं जनपद प्रतापगढ़ के चैसा में 33 के.वी. वितरण उपकेन्द्र भी शामिल हैं।

इसके अलावा, इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग की विभिन्न नई सुविधाओं की शुरूआत भी की। इन सुविधाओं में ई-भुगतान पर ट्रांजेक्शन चार्ज की पूर्ण छूट, ट्रस्ट बिलिंग का शुभारम्भ, प्रीपेड मीटर उपभोक्ता को आॅनलाइन रीचार्ज की सुविधा तथा एल.ई.डी. बल्ब का वितरण शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद मथुरा के मांठ में स्थापित 400 के.वी. उपकेन्द्र से जहां सम्पूर्ण बृज क्षेत्र में सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। वहीं प्रदेश के अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्र बुन्देलखण्ड के जनपद बांदा में स्थापित 400 के.वी. उपकेन्द्र से इस क्षेत्र में लो-वोल्टेज समस्या का निराकरण होगा। साथ ही, वहां सिंचाई की बेहतर व्यवस्था भी सम्भव हो सकेगी, जिसके फलस्वरूप बुन्देलखण्ड क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विद्युत आपूर्ति हेतु कुछ जनपदों की वी. आई.पी. व्यवस्था को समाप्त कर सभी जनपदों को समान विद्युत आपूर्ति का फैसला लिया है। बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर सभी जिला मुख्यालयों को 24 घण्टे, तहसीलों को 20 घण्टे तथा गांवों को 18 घण्टे बिजली सप्लाई का फैसला लेकर उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। नगरीय क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मरों को 24 घण्टे में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घण्टे में बदलने की व्यवस्था की गयी है। इसके लिए टोल फ्री नम्बर-1912 भी जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को विद्युत के मामले में आत्मनिर्भर बनाने तथा उपभोक्ताओं को 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के साथ ‘24X7 पावर फार आल’ से सम्बन्धित सहमति पत्र पर समझौता किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस समझौते से राज्य सरकार अक्टूबर, 2018 तक पूरे राज्य में 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में सफल हो सकेगी। इसकी सफलता के लिए जनसाधारण से सहयोग और सहभागिता का अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और सहभागिता के बिना योजनाओं का सफल होना सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अक्टूबर, 2018 तक राज्य को खुले में शौच से मुक्त करने का संकल्प लिया है। जनसहयोग और जनसहभागिता से इस लक्ष्य को भी आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक जो गांव विद्युत सुविधा से आच्छादित नहीं थे उनका पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत तेजी से विद्युतीकरण कराया जा रहा है। 23 हजार मजरों में विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है, जिनमें से 13 हजार मजरों में यह कार्य पूर्ण भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि अविकसित कालोनियों, जहां बिजली का इस्तेमाल बल्लियों में तार लगाकर किया जा रहा है। ऐसे इलाकों को भी राज्य सरकार विद्युतीकरण के तहत कवर करके विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने का काम करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीबी रेखा के नीचे के सभी शहरी एवं ग्रामीण इलाकों के परिवारों को कैम्प तथा मेलों आदि का आयोजन कर उज्ज्वला योजना की तर्ज पर मुफ्त बिजली कनेक्शन देगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उज्ज्वला योजना में निःशुल्क गैस कनेक्शन प्राप्त करने वालों को गैस सिलेण्डर के लिए भुगतान करना पड़ता है, वैसे ही निःशुल्क बिजली कनेक्शन प्राप्त करने वालों को भी उपभोग की गयी बिजली का भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि उपभोग की गयी बिजली का भुगतान करने से बिजली क्षेत्र की अधिकतर समस्याओं का समाधान स्वतः ही हो जाएगा।

विद्युत विभाग में जनता के हित के लिए उठाये गये कदमों के लिए ऊर्जा मंत्री, श्रीकांत शर्मा तथा ऊर्जा राज्य मंत्री, स्वतंत्रदेव सिंह एवं उनके सहयोगियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता को बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए संचालित अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्युत ऊर्जा एक आवश्यकता बन गयी है। प्रदेश के त्वरित विकास के लिए पर्याप्त एवं सस्ती ऊर्जा की उपलब्धता अत्यन्त जरूरी है।

गौरतलब है कि विद्युत बिलों के ई-भुगतान पर अभी तक उपभोक्ताओं को अतिरिक्त चार्ज वहन करना पड़ता था। राज्य सरकार ने प्रदेश में कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने एवं विद्युत उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक भार से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से निर्णय लिया है कि ई-भुगतान पर देय ट्रांजेक्शन चार्ज का भुगतान बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि सम्बन्धित विद्युत वितरण निगम द्वारा वहन किया जाएगा। यह व्यवस्था 31 दिसम्बर, 2017 तक प्रभावी रहेगी। इस पर लगभग साढ़े 3 करोड़ रुपये का खर्च सम्भावित है। व्यवस्था से प्राप्त अनुभव के आधार पर ई-सुविधा को आगे जारी रखने पर निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री द्वारा एक और सुविधा की शुरुआत की गयी है, जिसके तहत विद्युत उपभोक्ताओं को विभागीय वेबसाइट के ट्रस्ट बिलिंग पोर्टल पर स्वयं अपनी मीटर रीडिंग डालकर विद्युत बिल बनाने एवं भुगतान की सुविधा दी गयी है। इसी प्रकार, उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए आज से प्रीपेड मीटर को आनलाइन रीचार्ज करने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। अब प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को आनलाइन रीचार्ज टोकन प्राप्त करने हेतु विभागीय काउण्टर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही, उजाला योजना के तहत इलाहाबाद मण्डल में 2 लाख ऊर्जा दक्ष एल.ई.डी. बल्ब, 20 हजार ऊर्जा दक्ष एल.ई.डी. ट्यूबलाइट व 2 हजार ऊर्जा दक्ष पंखों को एक सप्ताह में वितरित किया जाएगा।

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