गुरुग्राम: किसी भी व्यक्ति द्वारा पहली गई पोशाक अथवा ड्रैस उस व्यक्ति को परिभाषित करती है। यह गैर मौखिक भाषा बोलती है। हम जिस पोशाक को देखते हैं वह उपस्थिति और अनुभव के बीच संतुलन को पुर्नस्थापित करती है। उक्त विचार द आर्टस लंदन विश्वविद्यालय एंड कालेज ऑफ फैशन के एस्थेटिक मैनेजमेंट प्रोफेसर डॉ.इयान डब्ल्यू किंग ने आज यहां सैक्टर-44 स्थित आर्क अकादमी ऑफ डिजाइन के नए परिसर का उदघाटन करने के बाद एकत्र लोगों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए (द एस्थ्रेटिक्स ऑफ ड्रैस) जैसी प्रसिद्ध किताब लिखने वाले डॉ.इयान ने कहा कि आज फैशन जगत विश्व का सबसे रचनात्मक उद्योग है। इसमें समूचे विश्व के पांच करोड़ से अधिक लोग जुड़े हुए हैं और करीब-करीब तीन ट्रिलियन डॉलर का कारोबार अभी भी विकसित हो रहा है।

इस अवसर विशेष रूप से पधारे बैल्जियम स्थित एंटवर्प विश्वविद्यालय की प्रो.एनीक श्रामे ने कहा कि युवा के लिए फैशन डिजाइन इंडस्ट्री में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र के जुडक़र युवा अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं क्योंकि आज फैशन ने प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच बना ली है।

कार्यक्रम के दौरान आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए आर्क अकादमी ऑफ डिजाइन की निदेशक सुश्री अर्चना सुराना ने बताया कि संस्थान ने जयपुर के बाद अपना दूसरा संस्थान गुरुग्राम में शुरू किया है। उन्होंने बताया कि यहां छात्रों को विभिन्न अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के कार्यक्रम जैसे की फैशन एवं टैक्सटाइल, इंटीरियर, उत्पाद, ज्वैलरी, कम्यूनिकेशन डिजाइन, स्वउद्यमिता विषयों पर सुश्री नीन सिआओ के नेतृत्व में अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा निर्देशित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां शिक्षा के माध्यम से उद्योग जगत की मांग को पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर भारतीय फैशन डिजानरों तथा विदेशी फैशन डिजाइनरों के बीच एक सत्र का भी आयोजन किया गया। जिसमें भारत,इंगलैंड व बैलजियम के विशेषज्ञों ने अपने विचार पेश किए।

 

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